MP हाई कोर्ट में बढ़ेगी जजों की संख्या, सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 12 नामों को दी मंजूरी
एमपी हाई कोर्ट
MP News: सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है. इस हफ्ते में हुई दो बैठकों में कुल 12 नामों को कॉलेजियम ने मंजूरी दी है. इन नामों में सात अधिवक्ता और पांच न्यायिक अधिकारियों को शामिल किया गया है. इन सभी नियुक्तियों को राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में जजों की संख्या अभी की संख से बढ़कर 50 हो सकती है. वहीं स्वीकृत किए गए पदों की संख्या 53 है.
कॉलेजियम ने नामों पर लगाई मुहार
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने शुक्रवार को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में जजों की नियुक्ति के लिए पांच न्यायिक अधिकारियों के नाम पर मुहर लगाई है. इन नामों में रेणुका कंचन, कृष्णमूर्ति मिश्रा, वीरेंद्र सिंह राजपूत, ममला जैन और अशिता श्रीवास्तव शामिल हैं. मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में जज नियुक्त किए जाने के प्रस्ताव को सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने मंजूरी दे दी है. इसके पहले भी 26 अक्टूबर को कॉलेजियम ने सात अधिवक्ताओं को हाई कोर्ट में न्यायाधीश बनाने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की थी.
हाई कोर्ट के लिए जजों के लिए 12 नामों को स्वीकृति
कॉलेजियम ने 26 अक्टूबर को बैठक के दौरान सात अधिवक्ताओं के नाम को मंजूरी दी थी. इसन नामों में डॉ. विवेक शरण, राजेश कुमार शुक्ला, कनक गहरवार, उर्फ कनक लता सिंह, भक्ति व्यास, श्रेयस पंडित, मृणाल एलकर उर्फ मृणाल मजूमदार और अविनाश जरगर शामिल हैं. इस प्रकार से मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के लिए सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने एक हफ्तें के भीतर कुल 12 नामों को स्वीकृति दी है. इस मंजूरी में पांच न्यायिक अधिकारी और सात अधिवक्ता शामिल हैं.
53 मंजूर नामों में 3 पद रहेंगे खाली
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के लिए कुल 53 न्यायाधीशों के नाम को स्वीकृति प्रदान है. वहीं अभी के समय में 38 न्यायाधीश कार्यरत हैं. सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की मंजूरी के बाद 12 नाम और नए सामने आए हैं. इन नामों पर राष्ट्रपति की स्वीकृति और नियुक्ति की पूरी प्रक्रिया होने के बाद हाई कोर्ट में जजों की संख्या 50 हो जाएगी. इन नियुक्ति के बाद केवल 3 पद ऐसे रहेंगे जो फिलहाल रिक्त रहेंगे. न्यायाधीशों की संख्या में बढ़ोतरी होने से काफी समय से लंबित मामलों की सुनवाई में इजाफा हो सकता है.
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