रीवा में खुली विकास की पोल! सड़क ना होने से ढखरा गांव में मरीज को डोली में ले जाने को मजबूर लोग
रीवा: ढखरा गांव में पक्की सड़क ना होने से ग्रामीण हो रहे परेशान
Rewa News: गांव-गांव तक विकास पहुंचने का दावा किया जाता है. कभी नल से जल पहुंचाने का ढिंढोरा पीटा जाता है, तो कभी पक्की सड़कों से शहरों को जोड़ने का ऐलान किया जाता है. सच्चाई कुछ और ही कहती है. मध्य प्रदेश के रीवा जिले से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने सभी झकझोर दिया है. ढखरा गांव में सड़क ना होने से मरीजों को डोली में ले जाना पड़ रहा है.
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, ये पूरा मामला त्योंथर विधानसभा के ढखरा गांव का है. सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. जिसमें लोग एक बीमार महिला को डोली में ले जाते हुए दिखाई दे रहे हैं. बुरी तरह खांसती हुई पीड़िता खटिया पर लेटी हुई है. गांव तक पक्की सड़क ना होने से एंबुलेंस घर तक नहीं पहुंच पाती है. इस वजह से ग्रामीण खाट में रस्सी बांधकर मुख्य सड़क तक ले जाते हैं.
रीवा कलेक्टर से लगाई गुहार
ढखरा गांव के लोगों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. पक्की सड़क ना होने से आने-जाने का रास्ता कीचड़ भरा हो जाता है. कच्ची सड़क के नाम पर ग्रामीणों को खेतों और मेढ़ों से निकलना पड़ता है. अव्यवस्था पर लोगों के बीच आक्रोश दिखता है. ग्रामीण कई सालों से पक्की सड़क की मांग कर रहे हैं. उनका दावा है कि जनसुनवाई से लेकर रीवा कलेक्टर के पास तक पक्की सड़क को लेकर गुहार लगा चुके हैं.
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विकास के दावों की खुली पोल
ढखरा गांव में पक्की सड़क तो छोड़िए कच्ची सड़क भी ढंग से नहीं है. लोगों को मुख्य सड़क तक पहुंचने के लिए पगडंडियों, खेत और मेढ़ का सहारा लेना पड़ता है. किसी व्यक्ति ने अपने खेत से जाने पर मना कर दिया तो और समस्या खड़ी हो जाती है. इस मामले में अब प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से किसी तरह का कोई बयान सामने नहीं आया है. जनप्रतिनिधियों के द्वारा जो विकास के दावे किए जाते हैं, ढखरा गांव का वीडियो सामने से पोल खुल गई है.