कौन हैं पन्ना कलेक्टर उषा परमार? जिनके खिलाफ जबलपुर हाई कोर्ट ने जारी किया गिरफ्तारी वारंट

मध्य प्रदेश के पन्ना जिले की कलेक्टर उषा परमार मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं. एमपी हाई कोर्ट ने उनके खिलाफ अरेस्ट वारंट जारी कर दिया है.
usha parmar ias

कलेक्टर उषा परमार

मध्य प्रदेश के पन्ना जिले की कलेक्टर उषा परमार मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं. उनके खिलाफ एमपी हाई कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी किया है. इतना ही नहीं कोर्ट ने पन्ना एसपी को वारंट की तामील करवाने की जिम्मेदारी सौंपी है. कोर्ट ने एसपी को 30 सितंबर को होने वाली सुनवाई में कलेक्टर को पेश करने के निर्देश दिए हैं. आइए जानते है क्या है पूरा मामला.

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, कोर्ट ने कलेक्ट्रेट की पूर्व कर्मचारी के नियमितीकरण से जुड़े केस में कलेक्टर उषा परमार को रिपोर्ट पेश करने को कहा था. उन्होंने न तो इसका जवाब दिया, न ही कोर्ट में पेश हुई. कलेक्टर के इस रवैये को जस्टिस विवेक जैन की कोर्ट ने गंभीर लापरवाही माना. और गिरफ्तारी का वारंट जारी कर दिया.

90 दिनों में करने के आदेश

सेवानिवृत्त कर्मचारी जाविन आरा रिज़वी की तरफ से दायर की गई अवमानना याचिका में कहा गया था कि वह कलेक्टर कार्यालय में सेक्शन ऑफिसर के रूप में कार्यरत थी. नियमितीकरण की मांग करते हुए उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी. याचिका की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने 13 अगस्त 2025 को याचिका का निराकरण करते हुए याचिकाकर्ता के अभ्यावेदन का निराकरण 90 दिनों में करने के आदेश जारी किए थे.

अनुपालन से संबंधित रिपोर्ट पेश नहीं की गई

सुनवाई के दौरान एकलपीठ ने पाया कि अवमानना याचिका पर 4 दिसंबर 2025 को नोटिस जारी किए गए थे. इसके बावजूद कलेक्टर की ओर से न तो अधिवक्ता के माध्यम से उपस्थिति दर्ज कराई गई और न ही हाई कोर्ट के पूर्व आदेश के अनुपालन से संबंधित रिपोर्ट पेश की गई.

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