‘कोई खुशी से देता है तो ले लेता हूं…’, कहने वाले अधिकारी सस्पेंड, वीडियो वायरल होने के बाद कार्रवाई
सस्पेंड एग्जीक्यूटिव इंजीनियर सीबी अहिरवार
Panna: कोई अगर खुशी से रिश्वत दे तो मैं लेता हूं… ऐसा कहने वाले पन्ना जिले के जल संसाधन विभाग कार्यपालन यंत्री यानि एग्जीक्यूटिव इंजीनियर सीबी अहिरवार को सस्पेंड कर दिया गया है. वल्लभ भवन भोपाल ने त्वरित कदम उठाते हुए आज शुक्रवार 30 अक्टूबर को निलंबन का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया. आइए जानते है क्या है पूरा मामला.
वीडियो हुआ था वायरल
एग्जीक्यूटिव इंजीनियर सीबी अहिरवार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था. इस वीडियो में वह कहते हुए नजर आ रहे थे कि ‘वैसे रिश्वत लेता तो गलत काम है लेकिन अगर कोई खुशी से देता है तो ले लेना चाहिए.’ अब इसी बयान के चलते उन्हें सस्पेंड कर दिया गया है.

जारी आदेश में क्या लिखा…
जारी आदेश में लिखा है कि कार्यपालन यंत्री सी.बी. अहिरवार द्वारा मीडिया के सामने दिया गया यह बयान उनकी कदाचरण की खुली स्वीकारोक्ति है, जो मध्य प्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम 1965 का सीधा उल्लंघन है. इस गंभीर अनुशासनहीनता और अशोभनीय आचरण को आधार बनाते हुए राज्य सरकार ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. निलंबन की इस अवधि के दौरान उनका मुख्यालय कार्यालय प्रमुख अभियंता, जल संसाधन विभाग, भोपाल नियत किया गया है, ताकि प्रशासनिक शुचिता और अनुशासन बनाए रखा जा सके.
ये है पूरा मामला
बता दें कि मझगांय बांध की नहर निर्माण परियोजना से एक ठेकेदार ने सागर लोकायुक्त ने कमीशन मांगने की शिकायत की थी जिसके बाद सागर लोकायुक्त की टीम ने उनके कार्यालय में छापा मारकर दो कर्मचारियों को गिरफ्तार किया था, जिसके बाद उन्होंने इस तरह का बयान दिया है.
इन दो कर्मचारियों को किया गया था गिरफ्तार
ठेकेदार कि शिकायत पर लोकायुक्त सागर बीते दो दिनों पहले लोकायुक्त सागर की टीम ने 28 अक्टूबर को कार्रवाई करते हुए पन्ना जिले के जलसंसाधन विभाग के डिविजनल अकाउंटेंट दीपक परिहार को 15 हजार रुपये लेते पकड़ा. इसके अलावा लिपिक अरविंद पाठक को 30 हजार रुपये लेते गिरफ्तार किया गया. लोकायुक्त द्वारा आगे की कार्रवाई की जा रही है.
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