MP News: ‘चाहें मुख्यमंत्री भी क्यों ना आ जाएं, पहले इस्तीफा दूंगा फिर बात होगी’, राजगढ़ में किसानों की महापंचायत में मंत्री का बयान वायरल
विधायक नारायण सिंह पंवार(File Photo)
MP News: मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा के पास बांकपुरा गांव में 219 बीघा जमीन विवाद को लेकर बुधवार को आयोजित किसान महापंचायत में किसानों का गुस्सा खुलकर सामने आया. महापंचायत में भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों के नेताओं ने किसानों के समर्थन में मंच साझा किया. इस दौरान प्रदेश सरकार के मंत्री नारायण सिंह पंवार का एक बयान चर्चा का केंद्र बन गया. किसानों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, ‘कितना भी बड़ा उद्योगपति आ जाए, मुख्यमंत्री भी आ जाए, पहले मैं इस्तीफा दूंगा, फिर आगे बात होगी.’ उनका यह बयान और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
महापंचायत में बड़ी संख्या में किसान पहुंचे
शहर से करीब 15 किलोमीटर दूर आयोजित महापंचायत में बड़ी संख्या में किसान पहुंचे. किसानों ने आरोप लगाया कि जिस जमीन पर वे सालों से खेती कर रहे हैं और जहां कई परिवारों के मकान बने हुए हैं, उसी भूमि का सीमांकन कर निजी कंपनी को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. किसानों ने खुदाई के दौरान नल-जल योजना की पाइपलाइन प्रभावित होने का मुद्दा भी उठाया.
महापंचायत में पहुंचे जिला पंचायत अध्यक्ष चंदर सिंह सौंधिया ने भी किसानों का समर्थन करते हुए कहा कि दिलीप बिल्डकॉन या किसी भी निजी कंपनी को एक इंच जमीन नहीं दी जाएगी. उन्होंने कहा कि यह जमीन किसानों की अस्मिता, आजीविका और आने वाली पीढ़ियों के अधिकार से जुड़ी हुई है. गांव की जमीन गांव और किसान की जमीन किसान के पास ही रहेगी. कार्यक्रम के दौरान प्रशासनिक अमला भी मौजूद रहा. एसडीएम गोविंद कुमार दुबे, तहसीलदार आनंद जायसवाल सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौके पर मौजूद रहे और स्थिति पर नजर बनाए रखी.
50 गांवों के किसानों के शामिल होने का दावा
बांकपुरा में 219 बीघा जमीन को लेकर पिछले कई दिनों से गांव-गांव प्रचार किया जा रहा था. बुधवार को आयोजित महापंचायत में आयोजकों ने करीब 50 गांवों के किसानों के शामिल होने का दावा किया. किसानों ने विरोध प्रस्ताव पारित करते हुए साफ कहा कि जमीन किसी भी कीमत पर निजी कंपनी को नहीं दी जाएगी.
क्या है बांकपुरा जमीन विवाद
यहां जमीन को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है. यह जमीन पूर्व में दिग्विजय सिंह सरकार के समय पचोर क्षेत्र के दुल्तरिया गांव के दलित वर्ग के किसानों को पट्टे पर दी गई थी. हालांकि वर्षों से इस जमीन का उपयोग और कब्जा बांकपुरा के ग्रामीण करते आ रहे हैं.
बताया जा रहा है कि वर्ष 2025 में विक्रय अनुमति मिलने के बाद करीब 40 किसानों ने यह जमीन Dilip Buildcon को बेच दी. हाल ही में सीमांकन के बाद कंपनी ने जमीन पर बाउंड्रीवाल निर्माण शुरू कराया, जिसके बाद स्थानीय किसानों का विरोध तेज हो गया. किसानों का कहना है कि यह केवल जमीन का मामला नहीं, बल्कि गांव की आजीविका और अस्तित्व से जुड़ा सवाल है.
ये भी पढे़ं: इंदौर में शादी से पहले लगाई हल्दी, दुल्हन का चेहरा और होंठ सूज गया, वेंटिलेटर पर रखना पड़ गया