डिंडोरी में मूलभूत सुविधा की कमी से जूझता सांसद आदर्श गांव, सड़क ना होने से ग्रामीण हो रहे परेशान
डिंडोरी: मूलभूत सुविधा की कमी से जूझता बघाड़ गांव
MP News: (डिंडोरी से अनिल साहू की रिपोर्ट) मध्यप्रदेश के आदिवासी बाहुल्य डिंडोरी जिले में आज भी कई गांव ऐसे हैं, जहां सड़क जैसे मूलभूत सुविधा का आभाव है. आपको जानकार हैरानी होगी की पूर्व केंद्रीय मंत्री व वर्तमान सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते ने जिस गांव को गोद लिया था, वहां आज भी सड़क मार्ग नहीं है. जिसके कारण आज भी बैगा आदिवासी व ग्रामीण विकास से कोसो दूर हैं. गांव तक पहुंचने के लिए सड़क मार्ग तो स्वीकृत है लेकिन समय बीत गया और आज तक सड़क नहीं बन पाया.
मूलभूत सुविधाओं से महरूम ग्रामीण वाशिंदे
दरअसल, यह पूरा मामला शहपुरा विधानसभा क्षेत्र के दुनिया बघाड़ गांव का हैं. जहां ग्रामीण मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं. क्षेत्रीय सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते ने गांव को गोद तो लिया मगर आज भी सुविधा नदारद है. यह इलाका वर्तमान में भाजपा के कद्दावर नेता पूर्व कैबिनेट मंत्री व वर्तमान विधायक ओमप्रकाश धुर्वे का है, परन्तु ग्रामीणों का कहना है की नेता सिर्फ वोट मांगने आते हैं. दुनिया बघाड़ गांव में करोड़ों रुपये की लागत से सड़क मार्ग स्वीकृत है. बावजूद समय बीत जाने के बाद भी गांव तक पक्की सड़क अब तक नहीं पहुंच पाई है.

गांव तक नहीं पहुंच पाती एम्बुलेंस
दुनिया बघाड़ गांव में हालत ये हैं कि अगर कोई बीमार पड़ गया तो एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंचती है. कई बार मरीजों को इलाज के अभाव में अपनी जान गंवानी पड़ती है. ग्रामीणों नें बताया की मजबूर होकर कई बार बीमार और गर्भवती महिलाओं को खटिया या डोली में लादकर करीब 10 किलोमीटर तक जंगल और ऊबड़-खाबड़ रास्तों से पैदल सफर करना पड़ता है.
लाख जतन के बाद भी सुविधा नदारत
दुनिया बघाड़ गांव में विकास के नाम पर अब तक ग्रामीण यांत्रिकी विभाग द्वारा लाखों रुपये खर्च किए जा चुके हैं, लेकिन सड़क का निर्माण अधर में लटका हुआ है. वहीं दो साल पहले पीएम जनमन योजना के तहत लगभग 6 करोड़ 30 लाख रुपये की लागत से सड़क निर्माण कार्य दोबारा शुरू हुआ, लेकिन वह भी आज तक अधूरा है.
बुनियादी सुविधा को तरसे ग्रामीण
मामले में जब आदर्श ग्राम में सड़क निर्माण में देरी और कथित अनियमितताओं को लेकर क्षेत्रीय सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते से सवाल किया गया, तो वे भी स्पष्ट जवाब देने से बचते नजर आए. हालांकि सांसद जी एक बार फिर गोद लिए अपने इस गांव को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की बात फिर दोहरा रहे हैं और पीएम जनमन योजना के तहत बन रहे सड़क की जांच करवाने को कह रहे हैं. अब देखने वाली बात होगी की ग्रामीणों को बुनियादी सुविधा का लाभ कब तक मिल पाएगा?
क्या हो पाएगा गांव का विकास..?
अब सवाल यह उठता है की आज जब दुनिया विकास और आधुनिकता की नई ऊंचाइयों की बात कर रही है, वहीं मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले में ऐसे कई गांव हैं. जहां लोग आज भी सड़क जैसी बुनियादी सुविधा के बिना बदहाली भरा जीवन जीने को मजबूर हैं.