पेट्रोल-डीजल के बाद अब मोबाइल रिचार्ज होगा महंगा, प्लान की कीमतों में 15 प्रतिशत तक की हो सकती है बढ़ोतरी
मोबाइल रिचार्ज होगा महंगा
Telecom Tariff Increase: TelecomTalk की रिपोर्ट के अनुसार, पेट्रोल और डीजल की कीमत बढ़ने का सीधा असर मोबाइल सेवाओं की लागत पर पड़ सकता है. टेलीकॉम कंपनियों को अपने मोबाइल टावर चलाने के लिए बिजली और डीजल पर काफी खर्च करना पड़ता है. ऐसे में ईंधन महंगा होने से उनकी ऑपरेटिंग कॉस्ट बढ़ जाती है, जिसका असर ग्राहकों के मोबाइल रिचार्ज प्लान्स पर देखने को मिल सकता है.
मोबाइल टावर चलाने में बढ़ेगा खर्च
किसी भी मोबाइल टावर को लगातार चालू रखने के लिए बिजली और डीजल की जरूरत होती है. बताया जाता है कि टावर चलाने की कुल लागत का लगभग 40 फीसदी हिस्सा सिर्फ बिजली और ईंधन पर खर्च होता है. डीजल के दाम बढ़ने से कंपनियों को अब पहले से ज्यादा पैसा खर्च करना पड़ेगा, जिससे उनकी लागत बढ़ जाएगी.
टेलीकॉम कंपनियों पर बढ़ेगा आर्थिक दबाव
देशभर में लाखों मोबाइल टावर काम कर रहे हैं. ऐसे में डीजल की कीमत बढ़ने से बड़ी टेलीकॉम कंपनियों को हर साल सैकड़ों करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च करने पड़ सकते हैं. खासतौर पर 5G टावर ज्यादा बिजली और बैकअप ईंधन इस्तेमाल करते हैं, इसलिए इन्हें चलाना और भी महंगा हो सकता है.
रिचार्ज कब महंगा होगा?
- रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि जून 2026 से मोबाइल रिचार्ज प्लान्स की कीमतों में करीब 15 फीसदी तक बढ़ोतरी हो सकती है.
- अगर ऐसा होता है तो ग्राहकों को अपने मौजूदा प्लान्स के लिए ज्यादा पैसे चुकाने पड़ सकते हैं.
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ग्लोबल सप्लाई चेन का भी असर पड़ेगा
सिर्फ पेट्रोल-डीजल ही नहीं, बल्कि दुनियाभर में सप्लाई चेन की दिक्कतों का असर भी टेलीकॉम कंपनियों पर पड़ रहा है. नेटवर्क उपकरण और दूसरी जरूरी चीजों की लागत बढ़ने से कंपनियों का खर्च और बढ़ सकता है. यही वजह है कि जो टैरिफ बढ़ोतरी बाद में होने वाली थी, अब उसके जल्द लागू होने की संभावना बढ़ गई है.