‘कर्मचारियों को जबरन नहीं पहना सकते हैं सांता क्लॉज की टोपी’, इलाहाबाद हाई कोर्ट की बड़ी टिप्पणी

Allahabad HC Santa Cap Remark: हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी आगरा के सदर बाजार स्थित वी बाजार से जुड़े मुद्दे पर की है. 2022 में संस्थान ने अपने सभी कर्मचारियों को आदेश दिया था कि वे सांता क्लॉज की लाल टोपी पहनकर आएं.
Allahabad Highcourt

इलाहाबाद हाई कोर्ट

Employees Santa Cap High Court: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ‘क्रिसमस डे’ को लेकर कहा कि किसी भी कर्मचारी को उसकी इच्छा के खिलाफ सांता क्लॉज की लाल टोपी पहनने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता है. हाईकोर्ट ने 2022 के मामले पर सुनवाई करते हुए टिप्पणी की है. जानें क्या है पूरा मामला?

हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी आगरा के सदर बाजार स्थित वी बाजार से जुड़े मुद्दे पर की है. 2022 में संस्थान ने अपने सभी कर्मचारियों को आदेश दिया था कि वे सांता क्लॉज की लाल टोपी पहनकर आएं. संस्थान के इस आदेश को लेकर लोगों ने नाराजगी जाहिर की और धार्मिक भावनाएं आहत होने की शिकायत दर्ज कराई. शिकायत के बाद आगरा के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने दिसंबर 2023 में आरोपी के खिलाफ संज्ञान लेते हुए समन जारी किया था.

2023 में जारी हुआ था समन

जब आरोपी के खिलाफ समन जारी हो गया. तब आरोपी ने न्यायिक मजिस्ट्रेट की कार्रवाई को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया. हाईकोर्ट से चार्जशीट, समन आदेश तथा आपराधिक कार्यवाही को रद्द करने की मांग की. हालांकि, याचिकाकर्ता की दलील पर कोर्ट के जस्टिस सौरभ श्रीवास्तव की सिंगल बेंच ने विश्व विक्रम सिंह बनाम उत्तर प्रदेश सरकार व अन्य मामले में टिप्पणी की.

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दोबारा ऐसा नहीं करने की चेतावनी

कोर्ट ने कहा मजिस्ट्रेट ने चार्जशीट पर राज्य के मुकदमे के रूप में संज्ञान लेकर कानूनी त्रुटि की. ऐसे में समन आदेश को रद्द किया गया. कोर्ट ने संस्थान में कर्मचारियों के बीच सौहार्द बनाए रखने को लेकर भी चेतावनी दी. इस दौरान आवेदक और उसके वरिष्ठ कर्मचारियों को भविष्य में दोबारा ऐसा नहीं करने की बात कही. फिलहाल, कोर्ट के फैसले से यह तो स्पष्ट हो गया है कि कोई भी संस्थान जबरदस्ती किसी धार्मिक या सांस्कृतिक प्रतीक को नहीं थोप सकता है.

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