78 साल बाद भी नहीं मिलीं बुनियादी सुविधाएं, बड़वानी में 7 किलोमीटर सड़क की मांग; फावड़ा-कुदाल लेकर जुटे ग्रामीण
बड़वानी में सड़क ना बनने से ग्रामीण फावड़ा-कुदाल लेकर खुद जुट गए.
Input- सचिन राठौर
Barwani News: बड़वानी जिले के सागमाल गांव में ग्रामीण पिछले कई वर्षों से 7 किलोमीटर सड़क निर्माण की मांग कर रहे हैं. सुनवाई न होने पर अब गांव के बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं और पुरुष खुद फावड़ा-कुदाल लेकर सड़क सुधारने में जुट गए हैं. यह गांव आजादी के 78 साल बाद भी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहा है.
‘कई बार शिकायत के बाद भी नहीं हुआ समाधान’
सागमाल गांव जिला मुख्यालय बड़वानी से लगभग 55 किलोमीटर दूर पाटी ब्लॉक में स्थित है, जो देश के सबसे पिछड़े 10 ब्लॉकों में से एक है. गांव तक पहुंचने वाला करीब 7 किलोमीटर लंबा मार्ग वर्षों से जर्जर हालत में है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. ग्रामीणों, जिनमें सांचा और चेन्द शामिल हैं, इनका कहना है कि उन्होंने सड़क निर्माण की मांग को लेकर कई बार अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और मुख्यमंत्री तक गुहार लगाई है, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला है.
नाराज किसान खुद ही कर रहे हैं निर्माण
बड़वानी में सड़क न होने का सबसे ज्यादा असर रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ रहा है. बरसात के मौसम में रास्ता और भी खस्ताहाल हो जाता है, जिससे स्कूल जाने वाले बच्चों, अस्पताल ले जाने वाले मरीजों और किसानों को खाद-बीज लाने या फसल बेचने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. कई बार आपात स्थिति में लोगों को गांव से बाहर ले जाना भी मुश्किल हो जाता है. सरकारी मदद नहीं मिलने से नाराज ग्रामीण अब खुद ही सड़क की मरम्मत कर रहे हैं. वे गड्ढों में मिट्टी भर रहे हैं और रास्ते को समतल कर रहे हैं. इस काम में छोटे-छोटे बच्चे भी अपने परिवारों के साथ हाथ बंटाते नजर आ रहे हैं, वहीं बुजुर्ग भी फावड़ा और कुदाल उठाने को मजबूर हैं.
‘चुनाव के समय नेता वादा करते हैं, फिर भूल जाते हैं’
सागमाल गांव के ग्रामीण मुन्ना नरगांवे ने आरोप लगाया कि चुनाव के समय नेता सड़क निर्माण के बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होते ही उनकी समस्या को भुला दिया जाता है. मामले में बड़वानी से कांग्रेस विधायक राजन मंडलोई से बात की तो उन्होंने बताया कि उनके द्वारा भी समय-समय पर इस मांग को उचित स्थान पर उठाया गया. विधानसभा सत्र में भी मुद्दे को उठाया. इस सत्र में भी इस सड़क की मांग को उठाया जाएगा. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सड़क योजना के अधिकारियों से भी बात की है उनका खाना है कि बजट आने पर इस रोड़ का काम भी कर दिया जाएगा पाटी ब्लॉक में इस प्रकार से सड़क नहीं होने से उबादगढ़ और देवगढ़ में भी ग्रामीण खुद रास्ता दुरुस्त करने में जुट गए थे.
यह ब्लॉक वनबंधु योजना और प्रधानमंत्री आकांक्षी जिले में होने के बाद भी यहां पर इतना काम नहीं हो पाया जो होना था. मामले में बड़वानी कलेक्टर जयति सिंह का कहना है कि PMGSY के अधिकारियों से बातचीत कर इस रोड़ के निर्माण की कार्रवाई को आगे बढ़ाया जाएगा. ग्राम पंचायत के लोगों ने मिलकर खुद इस काम को कर रहे है इसमें पंचायत की क्या सहभागिता हो सकती है इसको सुनिश्चित किया जाएगा.
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