धार इमामबाड़ा मामला: हाई कोर्ट से ताजिया कमेटी को दी बड़ी राहत, मोहर्रम के लिए 5 दिन उपयोग की अनुमति

MP News: धार के बहुचर्चित इमामबाड़ा मामले में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने ताजिया कमेटी को बड़ी अंतरिम राहत दी है.
Dhar Imambara case

धार इमामबाड़ा मामला

रिपोर्ट – जफर अली

MP News: धार के बहुचर्चित इमामबाड़ा मामले में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने ताजिया कमेटी को बड़ी अंतरिम राहत दी है. कोर्ट ने मोहर्रम कार्यक्रम के लिए सरकारी इमामबाड़े का 5 दिनों तक उपयोग करने की अनुमति दे दी है. साथ ही एसडीओ को एक दिन के भीतर याचिकाकर्ता सिद्दीकी को इमामबाड़े की चाबियां सौंपने के निर्देश दिए हैं. मामले की अगली सुनवाई 22 जुलाई 2026 को निर्धारित की गई है.

क्या है मामला?

हाईकोर्ट में लंबित दो याचिकाओं की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं ने कहा कि वे सरकारी ताजिया कमेटी से जुड़े हैं और मोहर्रम के अवसर पर परंपरागत रूप से ताजिया निर्माण एवं धार्मिक कार्यक्रम आयोजित करते रहे हैं. उन्होंने दस्तावेज प्रस्तुत कर स्वयं को कमेटी का सदस्य और पदाधिकारी बताया.

राज्य शासन की दलील

वहीं राज्य शासन ने कोर्ट में दलील दी कि सरकारी इमामबाड़ा की भूमि को लेकर पूर्व में बेदखली संबंधी आदेश पारित हो चुके हैं. याचिकाकर्ताओं को ताजिया निर्माण के लिए वैकल्पिक स्थल उपलब्ध कराए गए हैं. राज्य ने यह भी कहा कि याचिकाकर्ता अपने अधिकारों को पर्याप्त रूप से साबित नहीं कर पाए हैं.

कोर्ट का आदेश

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने माना कि मुख्य विवाद अभी विचाराधीन है. सीमित अवधि के लिए अनुमति देने से राज्य को कोई अपूरणीय क्षति नहीं होगी. कोर्ट ने आदेश दिया कि मोहर्रम कार्यक्रम के बाद 1 जुलाई 2026 को दोपहर 12 बजे तक इमामबाड़ा की चाबियां वापस एसडीओ को सौंपना अनिवार्य होगा.

शर्तें भी लागू

  • इस अवधि में संपत्ति में किसी प्रकार का स्थायी निर्माण, तोड़फोड़ या परिवर्तन नहीं किया जाएगा.
  • पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग कराई जाएगी.
  • आदेश अंतरिम राहत के रूप में दिया गया है.
  • इमामबाड़ा से जुड़े अधिकारों और स्वामित्व संबंधी विवाद पर अंतिम निर्णय अभी शेष है.

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