Mauganj: उजड़ते आशियानों को मिला नया ठिकाना, 136 विस्थापित परिवारों को स्थायी घर मिलने का रास्ता साफ
स्थायी घर मिलने का रास्ता साफ
Mauganj News: नवगठित मऊगंज जिले में विकास और संवेदनशील प्रशासन की मिसाल पेश करते हुए 136 विस्थापित परिवारों को स्थायी भूमि का मालिकाना हक सौंपा गया है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की “सबको आवास, सबको सम्मान नीति के तहत वर्षों से अस्थिर जीवन जी रहे परिवारों को अब अपना स्थायी आशियाना मिलने का रास्ता साफ हो गया है. पट्टा वितरण के बाद लोगों के चेहरों पर खुशी और आंखों में राहत साफ दिखाई दी.
विकास की कीमत गरीबों को नहीं चुकानी पड़ेगी
जिले में कलेक्ट्रेट, एसपी कार्यालय, जिला न्यायालय, जिला पंचायत और शासकीय आवासीय परिसरों के निर्माण के चलते कई परिवार विस्थापन की जद में आए थे. ऐसे में शासन स्तर पर यह सुनिश्चित किया गया कि विकास कार्यों की वजह से प्रभावित परिवारों का भविष्य प्रभावित न हो. जिला प्रशासन ने पारदर्शी प्रक्रिया अपनाते हुए लॉटरी सिस्टम के जरिए 136 परिवारों को भूमि पट्टे वितरित किए.
मॉडल कॉलोनी के रूप में होगा क्षेत्र का विकास
कार्यक्रम में विधायक प्रदीप पटेल ने कहा कि सरकार केवल भवन निर्माण नहीं, बल्कि गरीबों के सपनों को नया घर और सम्मान देने का काम कर रही है. उन्होंने बताया कि यह क्षेत्र आने वाले समय में आधुनिक मॉडल कॉलोनी के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां सड़क, पेयजल, बिजली, स्ट्रीट लाइट, नाली, सामुदायिक भवन और बच्चों के खेल मैदान जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी.
नगर परिषद ने शुरू की विकास की तैयारी
नगर परिषद द्वारा पेयजल पाइपलाइन, चौड़ी सड़कें और जल निकासी व्यवस्था विकसित करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है. पूरी कॉलोनी को स्ट्रीट लाइटों से रोशन किया जाएगा, जबकि सड़कों के किनारे वृक्षारोपण कर इसे ग्रीन जोन में बदलने की तैयारी है. साथ ही शेष पात्र परिवारों को Pradhan Mantri Awas Yojana के तहत आवास स्वीकृति दिलाने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है.
सामाजिक समरसता की बनी मिसाल
पुनर्वास अभियान में अनुसूचित जनजाति के 76, पिछड़ा वर्ग के 34, अनुसूचित जाति के 25 और सामान्य वर्ग के 1 परिवार को लाभ मिला. प्रशासन ने हर वर्ग को समान अवसर देकर सामाजिक न्याय और समावेशी विकास का संदेश देने का प्रयास किया.
खुशी के आंसू और सुरक्षित भविष्य की उम्मीद
भूमि पट्टा मिलने के बाद कई परिवार भावुक नजर आए. लोगों ने कहा कि पहली बार उन्हें लगा कि सरकार ने उनके दर्द और भविष्य दोनों को समझा है. अब उन्हें दर-दर भटकने की चिंता नहीं रहेगी और बच्चों का भविष्य सुरक्षित होगा.
अधिकारी और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
कार्यक्रम में मऊगंज विधायक प्रदीप पटेल, अपर कलेक्टर पीके पाण्डेय, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विक्रम सिंह, नगर परिषद अध्यक्ष बृजवासी पटेल, एसडीएम राहुल मिश्रा, एपी द्विवेदी सहित कई प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे. मऊगंज में यह पहल केवल पट्टा वितरण नहीं, बल्कि उजड़ती जिंदगी को नई पहचान और सम्मान देने वाली ऐतिहासिक शुरुआत मानी जा रही है.
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