Badrinath Dham Opening: मंदिर के कपाट खुलने के बाद सबसे पहले पुरोहित प्रवेश करते हैं. घृत कंबल को भगवान की मूर्ति से हटाया जाता है. इसका निर्माण माणा गांव की कुंवारी कन्या द्वारा किया जाता है. जब बदरीनाथ के कपाट बंद किए जाते हैं तो उस समय भगवान की मूर्ति पर घी से लेप लगाया जाता है.
Baglamukhi Jayanti: वैशाख शुक्ल पक्ष की अष्टमी के दिन मां बगलामुखी जयंती मनाई जाती है. इस साल बगलामुखी जयंती किस तिथि को मनाई जानी है, इसे लेकर लोगों के अंदर उत्सुकता बनी हुई है.
Vastu Tips: घर का ये कोना मानसिक, आध्यात्मिक और आर्थिक संतुलन का स्थान माना जाता है. इस स्थान पर भारी वस्तुएं, कबाड़, बंद पड़ी आदि वस्तुओं को रखने से मानसिक और आर्थिक दिक्कतों का सामना पड़ सकता है.
Parshuram Jayanti: पौराणिक मान्यताओं के अनुसार भगवान परशुराम का जन्म ऋषि जमदग्नि और माता रेणुका के घर हुआ था. ब्राह्मण जाति में जन्म लेने के बाद भी वे पराक्रमी योद्धा माने जाते हैं. वे फरसा नामक शस्त्र धारण करते थे. यही उनकी पहचान बन गई, इसी वजह से उन्हें परशुराम कहा जाता है.
Akshay Tritiya 2026: अक्षय तृतीया पर सोना-चांदी के गहने, बर्तन, मूर्तियां और सिक्के आदि को खरीदना शुभ माना जाता है. मिट्टी के बर्तन खरीदना भी अच्छा संकेत माना जाता है, इसे धरती माता के सम्मान के तौर पर देखा जाता है.
Vastu Tips: घर केवल ईंट और दीवारों का ढांचा नहीं होता, बल्कि यह इंसान के सपनों, परिवार की खुशियों और सुकून भरे जीवन का आधार होता है.
Bada Mangal 2026: साल 2026 में यह पर्व और भी खास रहने वाला है, क्योंकि इस बार ज्येष्ठ मास में सामान्य 4 या 5 नहीं बल्कि कुल 8 मंगलवार पड़ रहे हैं.
Akshaya Tritiya 2026: अक्षय तृतीया हर साल वैशाख महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है. इस दिन को बिना किसी मुहूर्त के सभी शुभ कार्यों के लिए बहुत ही अच्छा माना जाता है.
Akshaya Tritiya 2026: मान्यताओं के अनुसार, अक्षय तृतीया के दिन सोना-चांदी खरीदना इसलिए शुभ माना जाता है, क्योंकि इस दिन को 'अबूझ मुहूर्त' भी माना जाता है . इसलिए इस दिन यदि आप कोई भी शुभ काम करते हैं, तो उसका परिणाम आपके पक्ष में होता है.
Vastu Tips: वास्तु के अनुसार, कामधेनु गाय की मूर्ति को सही दिशा में रखना बहुत जरूरी है, क्योंकि इसे लक्ष्मी जी का रूप माना जाता है. इसे रखने के लिए दक्षिण-पूर्व (South-East) दिशा सबसे अच्छी होती है, क्योंकि इस दिशा का संबंध शुक्र ग्रह से है.