Ram Navami 2026: ज्योतिष के अनुसार, 26 मार्च 2026 को रामनवमी मनाना सबसे अधिक शुभ माना जा रहा है. सबसे खास बात यह है कि इस दिन कई दुर्लभ ग्रहों को योग बनता नजर आ रहा है.
Chaitra Navratri 2026: ज्योतिषियों के अनुसार, दुर्गाष्टमी का दिन बहुत ही विशेष रहने वाला है, क्योंकि इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग और रवि योग का संयोग बन रहा है. सर्वार्थ सिद्धि योग शाम 4 बजकर 19 मिनट से शुरू होकर 27 मार्च की सुबह 6 बजकर 17 मिनट तक रहेगा.
Chaitra Navratri 2026: मां कालरात्रि की सच्चे मन से पूजा करने पर दुश्मनों और विरोधियों का अंत होता है. किसी भी व्यक्ति पर तंत्र-मंत्र या नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव होता है तो मां की पूजा करने से दूर हो जाता है. ज्योतिषशास्त्र के मुताबिक मां कालरात्रि की पूजा करने से शनि ग्रह का अशुभ असर खत्म हो जाता है.
Garud Puran: गरुड़ पुराण में कहा गया है कि जब मृत्यु निकट होती है, तो व्यक्ति को सांस लेने में कठिनाई होने लगती है. सांसों की गति में अचानक परिवर्तन आने लगता है. कभी यह बहुत तेज हो जाती है, तो कभी धीमी.
Hanuman Jayanti 2026: हिंदू धर्मशास्त्रों के मुताबिक जिस दिन पूर्णिमा तिथि सूर्य उदय के समय हो तो उस दिन पूर्णिमा व्रत किया जाता है. हनुमान जयंती चैत्र महीने की पूर्णिमा तिथि को मनाई जाती है.
Chaitra Navratri: देवी कात्यायनी को ब्रजमंडल की अधिष्ठात्री माना जाता है. चार भुजाओं वाली देवी का स्वरूप अद्भुत लगता है. सिंह की सवारी करती हैं. एक हाथ में तलवार और दूसरे में कमल करती हैं. वहीं, दूसरी ओर निचला दायां हाथ वरद मुद्रा यानी वरदान देने की स्थिति में होता है.
Chaitra Navratri: तांत्रिक साधनाओं में माता स्कंदमाता का संबंध विशुद्ध चक्र से माना जाता है. वहीं, ज्योतिषशास्त्र में इन्हें बृहस्पति से जोड़कर देखा जाता है. नवरात्र के पांचवें दिन सर्वार्थ सिद्धि और रवि योग बन रहे हैं.
Aaj Ka Rashifal: ज्योतिषशास्त्र के मुताबिक ये अत्यंत शुभ और शक्तिशाली संयोग होता है जो हर तरह की मनोकामनाओं को पूरा करता है, इसके साथ ही सफलता प्रदान करता है. इसके साथ ही रवि योग भी बन रहा है. इन योग की वजह से कई राशियों के जातकों को लाभ मिलने वाला है
Mahalakshmi Rajyog 2026: ज्योतिषियों के अनुसार, चंद्रमा और मंगल की एक विशेष युति बनने जा रही है, जिससे महालक्ष्मी राजयोग का निर्माण होगा. सबसे प्राचीन धर्म ग्रंथ वैदिक शास्त्र में महालक्ष्मी राजयोग को बहुत ही शुभ और फलदायी बताया गया है.
Guru Margi 2026: पुनर्वसु का अर्थ है 'फिर से बसना', जो जीवन में नई शुरुआत, धैर्य और सकारात्मकता का प्रतीक है. अगले 9 महीनों तक गुरु की यह स्थिति शिक्षा, भाग्य और धन के मामले में इन चार राशियों के लिए तरक्की के नए रास्ते खोलेगी और जीवन के अंधेरे को दूर कर खुशहाली लाएगी.